मंदिर में उड़े रे ग़ुलाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मंदिर में उड़े रे ग़ुलाल गुलाबी रंग प्यारा लगे,

हो मंदिर में उड़े रे ग़ुला गुलाबी रंग प्यारा लगे

ग़ुलाबी रंग प्यारा लगे गुलाबी रँग प्यारा लगे

मंदिर में उड़े रे ग़ुलाल गुलाबी रंग प्यारा लगे

मैया की बिंदी चम चम चमके,

चम चम चमके, चम चम चमके,

मैया जी की बिंदी चम चम चमके,

सिन्दूर लालो में लाल,

गुलाबी रँग प्यारा लगे।

मंदिर में उड़े रे ग़ुलाल,

गुलाबी रंग प्यारा लगे।

मैया की चुडिया, चम चम चमके,

चम चम चमके, चम चम चमके,

मैया की चुडिया, चम चम चमके,,

मेहंदी लालो में लाल,

गुलाबी रँग प्यारा लगे।

मंदिर में उड़े रे ग़ुलाल,

गुलाबी रंग प्यारा लगे।

मैया के बिछुए चम चम चमके,

चम चम चमके, चम चम चमके,

महावर लालो में लाल,

गुलाबी रँग प्यारा लगे।

मंदिर में उड़े रे ग़ुलाल,

गुलाबी रंग प्यारा लगे।

मैया का लंहगा चम चम चमके,

चम चम चमके, चम चम चमके,

चुनरी लालो में लाल,

गुलाबी रँग प्यारा लगे।

मंदिर में उड़े रे ग़ुलाल,

गुलाबी रंग प्यारा लगे।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।