किसने सजाया तेरा भवन

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

किसने सजाया, तेरा भवन xll

"बड़ा प्यारा लागे, बड़ा सोहना लागे" xll

ये हार गुलाबी ( मईया जी )

किसने पहनाया ( मईया जी )

माथे पर केसर ( मईया जी )

तिलक लगाया ( मईया जी )

चरणो मे तेरे, करते नमन ll,

"बड़ा प्यारा लागे, बड़ा सोहना लागे" xll

ये लाल चुनरिया ( मईया जी )

किसने पहनाई ( मईया जी )

बड़ी सुंदर तेरी ( मईया जी )

है मूर्त सजाई ( मईया जी )

माँ 'दे दो सहारा, करते भजन ll,

"बड़ा प्यारा लागे, बड़ा सोहना लागे" xll

जो सिमरन तेरा ( मईया जी )

बड़े प्यार से करते ( मईया जी )

उनके तो बेड़े ( मईया जी )

हैं पार उतरते ( मईया जी )

दर्शन को तेरे, तरसे नयन ll,

"बड़ा प्यारा लागे, बड़ा सोहना लागे" xll

तेरे दर पर जिसने ( मईया जी )

झोली फैलाई ( मईया जी )

तुम ने तो मईया ( मईया जी )

तकदीर बनाई ( मईया जी )

मुझको बुला ले, अपने भवन ll,

"बड़ा प्यारा लागे, बड़ा सोहना लागे" xll

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।