शांति कीजिये

पारंपरिक
श्री राम भजन गुरुदेव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

शांति कीजिये शांति कीजिये

जल में थाल में और गगन में,

अंतरिक्ष में अगनी पवन में

शांति कीजिये शांति कीजिये ,

शांति कीजिये शांति कीजिये

औशदी वनस्पति बन उपबन में,

सकल विशव के जढ़ चेतन में

शांति कीजिये शांति कीजिये

शांति कीजिये शांति कीजिये

नागर ग्राम में और भवन में

जीव मात्र के तन मन में,

शांति कीजिये शांति कीजिये ,

शांति कीजिये शांति कीजिये

और जगत के हर कण कण में

प्रभु त्रिभुवन में

शांति कीजिये शांति कीजिये

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।