खाटू नगरी नही जादू नगरी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पेहले तू खाटू जाएगा

फिर श्याम से नैन मिलाएगा

खुद को घुमा घुमा तू पायेगा

कीर्तन में नाचे गा गाये गा

थोडा पागल सा भी हो जाएगा

खाटू नगरी नही जादू नगरी है,

जब लौट के घर को आएगा

हर और तू श्याम को पायेगा

तेरा जीना मुशकिल हो जाएगा

नींदों में श्याम ही श्याम चिलायेगा

दीवाना श्याम भक्तो सा हो जाएगा

खाटू नगरी नही जादू नगरी है,

फिर जब भी खाटू आएगा

दो यार को संग में लाएगा

पप्पू शर्मा की बात दोहराए गा

तराने श्याम नाम के गायेगा

हर पल श्याम को तू चाहे गा

खाटू नगरी नही जादू नगरी है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।