मुझे श्याम जी अपना बना लीजिये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गम की मारी हु हारी हु तकदीर से

मुझे श्याम जी अपना बना लीजिये,

ठोकरे खा रही है मेरी जिन्दगी

संवारे मुझको खाटू बुला लीजिये

गम की मारी हु हारी हु तकदीर से

कब तलक यु ही दर दर भटक ती रहू

मेरे बाबा मुझे एक दर चाहिए,

मुझको देदो वही पे ठिकाना कही

अब ठिकाना वही उम्र भर चाहिए

मैं भटक ही रही हु कदी धुप में

ठंडी छाओ में मुझको बिठा लीजिए

गम की मारी हु हारी हु तकदीर से

है सुना मैंने तुम हो दयालु बड़ी

आया खाटू में जो फिर वो हारा नही

मिल गया है सहारा तुम्हारा जिसे

जिन्दगी भर रहा बेसहारा नही

मैं गमो की सताई आई याहा

मुझ्जो बाबा गमो से बचा लीजिये

गम की मारी हु हारी हु तकदीर से

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।