बेटा हूँ श्याम का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सावरिया की दया बिना ये जीवन है किस काम का

बेटा हूँ श्याम का मेरे घनश्याम का,

हटा के मन को दुनियाँ से , बाबा से लगन लगाई है

और नही कुछ सूझे मुझको देता वही दिखाई है

डर मने ना लागे इब तो , सर हाथ है श्याम का

बेटा हूँ श्याम का , मेरे घनश्याम का………..

धन दौलत और महल खजाने , सभी यही रह जाएगें

रिस्ते नाते कुटुम्ब कबीले , कोई काम ना आएगे

जग में आना सफल पिये जो , प्याला उसके नाम का

बेटा हूँ श्याम का , मेरे घनश्याम का………..

श्याम धणी की कृपा हो तो पत्थर हीरा बन जाए

उस वाणी का क्या कहना जो बाबा के ही गुण गाए

नजर हटे ना देख नजारा , प्यारे खाटू धाम का

बेटा हूँ श्याम का , मेरे घनश्याम का………..

मस्त रहू उसके कीर्तन में , ताली खूब बजाता हूँ

खूब नाचता हूँ में भी , भक्तो को खूब नाचता हूँ

भूलन त्यागी आये पसीना , क्या करना आराम का

बेटा हूँ श्याम का , मेरे घनश्याम का………..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।