बाबा बोलो जरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ग्यारस का मिलना मिलाना हर पल याद करू

बिन दर्शन कही मर न जाऊ सोच के मैं तो डरु

तेरे रेहते क्या छुट जाएगा दम बाबा बोलो जरा

तेरी गलियों में कब रखे गे कदम बाबा बोलो जरा

अपने भगतो पे कब करोगे रेहम बाबा बोलो जरा

इक झकल फिर से दिखाओ न अपनी बाबा

और नही कुछ तुम से मैं तो मांग रहा ज्यादा

बीत जाएगा मेरा सारा जन्म बाबा बोलो जरा

तेरी गलियों में कब रखे गे कदम बाबा बोलो जरा

माना गलती हो गई है अब तो छमा करो

श्याम कहे हारे हुए को बाहों में भरो

हम ने सुना है के ये तेरा धर्म बाबा बोलो जरा

खाटू नगरी में कब रखेगे कदम बाबा बोलो जरा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।