रे मेला श्याम धनि का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू के रस्ते पर देखो भीड़ भड़ी है भगतो की

नाच नाच कर आती देखो टोली श्याम के भगतो की

हो हो हो रे मेला श्याम धनि का

भगतो में बड़ा चाव चड़ा है खाटू नगरी जाने का

खाटू नगरी जा के श्री श्याम का दर्शन पाने को

तू भी आजा प्यारे खाटू नगरी शीश झुकाने को

दर्शन पाकर सोये अपने प्यारे भाग जगाने को

हो हो हो रे मेला श्याम धनि का

एक बड़ा सा रेला देखो पैदल खाटू आया है लगता है मेरे श्याम इनका तगड़ा काम बनाया है

जीवन रोशन कर देगा मेरा बाबा हर इक प्रेमी का

नाम चलेगा बाबा का और बाबा के ही प्रेमी का

हो हो हो रे मेला श्याम धनि का

हर प्रेमी को गजब सा लागे बाबा खाटू वाला है

रवि देखता रेह जाता सब सजे श्याम मत वाला है

सुनीता को भी फागुन वाला महिना रास ही आता है

इस महीने बाबा मेरा खुल के प्यार लुटाता है

हो हो हो रे मेला श्याम धनि का

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।