मनमोहन मुरलिया वाले बंसुरिया वाले

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मनमोहन मुरलिया वाले बंसुरिया वाले सुना दे बंसुरिया,

मेरे मन में उठी है उमंग रे जरा छु लू सांवरिया के संग रे,

झुला डाला कदम की ढाली झुलाये राधा प्यारी सुनादे बंसुरिया,

मनमोहन मुरलिया वाले........

मेरे मन में उठी है उमंग रे होली खेलु सांवरिया के संग रे,

वो तो मार गए पिचकारी बिगोई सारी साडी सुनादे बंसुरिया,

मनमोहन मुरलिया वाले........

मेरे मन में उठी उमंग रे जरा नाचू सांवरिया के संग रे,

वो तो नाच रहे बनवारी नचाये राधा प्यारी सुनादे बंसुरिया,

मनमोहन मुरलिया वाले........

मेरे मन में उठी उमंग रे जरा रूठू सांवरिया के संग रे,

वो तो रूठ गये बनवारी मनाये राधा रानी सुनादे बंसुरिया

मनमोहन मुरलिया वाले........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।