आबू आबू पधारु गण राज यौ

पारंपरिक
श्री गणेश आरती गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

आबू आबू पधारू गणराज,

करियो पूरन हा सबहक काज,

पार्वती सूत संकर सुवन कहाबै छि,

रिद्धि और सिद्धि के दाता कहाबै छि,

सुभ और लाभ के पिता महाराज,

आबू आबू पधारु गण राज यौ,

गंगा जल स चरण पखराब,

घी के दीपक स आरती उतारब,

सब देबन में आहाँ सिरताज,

आबू आबू पधारु गण राज यौ,

प्यासा आहाँ के प्रथम मनाबै ये,

पान फूल मोदक भोग लगाबै ये,

आहाँ बिन सुन लागे सबटा साज यौ,

आबू आबू पधारू गण राज यौ,

H K PYASA 9831228059

हेमकान्त झा प्यासा। 8789219298

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।