जिस दिन ए मुरली वाले मैं अपना घर बनवाऊँगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जिस दिन ए मुरली वाले,

मैं अपना घर बनवाऊँगी,

उस घर की मैं ईंट ईंट पर,

जय श्री श्याम लिखवाउंगा,

कहने को तो मुरली वाले,

सारा घर मेरा होगा,

लेकिन उस छोटे से घर में,

एक कमरा तेरा होगा,

जोत जलेगी उसमे तेरी,

नैन को भजन सुनाऊँगा,

उस घर की मैं ईंट ईंट पर,

जय श्री श्याम लिखवाउंगा,

जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम जय श्री श्याम।

घर की हर दीवार पर मोहन,

इक तस्वीर लगी होगी,

कहीं पर होगा मोर पंख,

और कहीं पर मुरली होगी,

मन मोहन तेरी प्यारी मूरत,

को मैं रोज सजाऊँगा,

उस घर की मैं ईंट ईंट पर,

जय श्री श्याम लिखवाउंगा,

जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम जय श्री श्याम।

गृह प्रवेश जब होगा मेरा,

जोत तेरी जलवाऊंगा,

सवामणी करवाकर तेरी,

तुझको भोग लगवाउँगा,

दूर दूर से मैं साँवरिया,

श्याम भक्त बुलवाउंगा,

उस घर की मैं ईंट ईंट पर,

जय श्री श्याम लिखवाउंगा,

जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम जय श्री श्याम।

उस घर के हर प्राणी की,

तुझको चिंता करनी होगी,

लाज ना जाएँ कहीं कभी भी,

सदा कृपा रखनी होगी,

कहता संजू कभी नहीं,

उपकार तेरा बिसराऊँगा,

उस घर की मैं ईंट ईंट पर,

जय श्री श्याम लिखवाउंगा,

जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम जय श्री श्याम।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।