पहिले हम तोहके मनाईब हों गौंरा के ललनवा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

पहिले हम तोहके मनाईब हों गौंरा के ललनवा,

गौंरा के ललनवा हो शंकर के सुमनवा,

पहिले हम तोहके मनाईब हों गौंरा के ललनवा,

ब्रह्मा से पहिले हों विष्णु से पहिले,

भोले से पहिले मनाईब हों गौंरा के ललनवा,

पहिले हम तोहके मनाईब हों गौंरा के ललनवा

रामा से पहिले हों लक्ष्मण से पहिले,

सीता से पहिले मनाईब हों गौंरा के ललनवा,

पहिले हम तोहके मनाईब हों गौंरा के ललनवा

गौंरा से पहिले हों लक्ष्मी से पहिले,

सरस्वती से पहिले हों मनाईब हों, गौंरा के ललनवा,

पहिले हम तोहके मनाईब हों गौरा के ललनवा

गंगा से पहिले हो यमुना से पहिले

सरजु से पहिले मनाईब हों गौंरा के ललनवा

पहिले हम तोहके मनाईब हों गौंरा के ललनवा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।