तेरे प्यार में साँवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ये मीरा मेवाड़ की रंग गई श्याम के नाम

दुनिया ये कहने लगी अब मीरा के घनश्याम

तेरे प्यार में प्यारे में रे प्यार में ...... तेरे प्यार में

तोड़ जगत के बंधन झूठे मीरा हुई दीवानी

लेकर के इकतारा नाचे वो महलों की रानी

तेरे प्यार में ...............

राणा ने मीरा से पूछा तू किसके रंग रांची

मीरा बोली गिरधर के संग मेरी प्रीत है साँची

मीरा खातिर भेज दिया राणा ने विष का प्याला

विष का प्याला बन गया अमृत हे गिरधर गोपाला

तेरे प्यार में ..................

गली गली में जोगन बांके मीरा नाचे गाये

श्याम रंग में रंगी चुनरिया लहर लहर लहराए

मीरा हो गई कृष्ण की जोगन देख रहा जग सारा

वो ढूंढे अपने प्रीतम को लेकर के इकतारा

तेरे प्यार में ..................

सुख छोड़े महलों के सारे लोक लाज बिसराई

मीरा संग कान्हा की देखो हो गई प्रेम सगाई

रोमी कहता ये जग सारा जब राधा को ध्याये

राधा के संग मीरा का भी नाम लबों पे आये

तेरे प्यार में ................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।