सुख हो या दुःख प्यारे जब भी बुलाएगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुख हो या दुःख प्यारे जब भी बुलाएगा

करले भरोसा बाबा दौड़ा दौड़ा आएगा

सुख हो या दुःख प्यारे ................

श्याम से ही प्रीत जिसे श्याम की ही आस है

प्रेमियों पे प्रेमी वही दुनिया में ख़ास है

सांवरे के रंग जो तू मन को रँगायेगा

करले भरोसा बाबा दौड़ा दौड़ा आएगा

सांवरे के हाथ में तू छोड़ पतवार को

तेरे हर हाल की खबर सरकार को

चरणों में आंसू जो तू भाव के बहायेगा

करले भरोसा बाबा दौड़ा दौड़ा आएगा

मन में तू श्याम तन सेवा में रमाये ले

दुखी और डीनो को गले से लगाए ले

मिलने को तुझसे ये रुक नहीं पायेगा

करले भरोसा बाबा दौड़ा दौड़ा आएगा

रूप कण कण में निहार श्री श्याम का

श्याम के बिना जीवन किस काम का

सच्ची प्रीत श्याम से तरुण जो लगाएगा

करले भरोसा बाबा दौड़ा दौड़ा आएगा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।