फ़िकर नॉट साँवरिया जी उडीके थारी बाट

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

फ़िक्र नॉट फ़िक्र नॉट फ़िकर नॉट,

साँवरिया जी उडीके थारी बाट,

फ़िकर नोट फ़िकर नॉट चल पुरे होंगे तेरे ठाट,

साँवरिया जी उडीके थारी बाट,

चल पुरे होंगे तेरे ठाट फ़िकर नोट फ़िकर नोट,

डोंट वरी भाई फ़िकर नॉट

हरपल जो श्याम का जीकर करे जो रहता श्याम शरण में,

उसकी चिंता करे साँवरा दुःख रहे ना जीवन में,

कटेगी तेरी दुःख की रात साँवरिया जी उडीके थारी बाट,

डोंट वरी भाई फ़िकर नॉट साँवरिया जी उडीके थारी बाट,

फ़िकर नोट फ़िकर नॉट

ये दुनियां बस बात बिगाड़े ये बिगड़ी है बनाता,

छोड़ जगत की बातें झूठी जोड़ श्याम से नाता,

बनेगी तेरी बिगड़ी बात साँवरिया जी उडीके थारी बाट,

डोंट वरी भाई फ़िकर नॉट साँवरिया जी उडीके थारी बाट,

फ़िकर नोट फ़िकर नॉट ।।

संकट में तेरा श्याम ही साथी दूजा नाहीं कोय,

सर पे जब हो साथ श्याम का बाल ना बांका होय,

बैरी की लग जाए वाट साँवरिया जी उडीके थारी बाट,

डोंट वरी भाई फ़िकर नॉट साँवरिया जी उडीके थारी बाट,

फ़िकर नोट फ़िकर नॉट

बामण बणिया जाट और खत्री में कोई भेद ना जाने,

प्रेम भाव का भूखा रोमी ये तो प्रेम पिछाणे,

ये ना पूछे जात पात ये ना पूछे जात पात,

साँवरिया जी उडीके साँवरिया जी उडीके थारी बाट,

डोंट वरी भाई फ़िकर नॉट साँवरिया जी उडीके थारी बाट,

फ़िकर नोट फ़िकर नॉट

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।