राम सुन लो मेरी बात तुम गौर से

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम सुन लो मेरी बात तुम गौर से,

क्यों पराजित हुआ आपसे युद्ध में,

जानकी की वजह से ना मैं मर सका,

जानकी की तरफ से रहा शुद्ध मैं,

राम सुन लो मेरी बात तुम गौर

राज्य मेरा बड़ा कुल भी मेरा बड़ा,

बल भी मेरा बड़ा आयु मेरी बड़ी,

वेद चारों छहो शास्त्र कंठस्त हैं,

ज्ञान में भी बड़ा तुमसे प्रभुत्व में,

राम सुन लो मेरी बात तुम गौर

मेरे रहने व सोने को स्वर्ण महल,

है ख़जाना मेरा ये अवध से बड़ा,

देवता भी मेरे घर करे चाकरी,

देव राहों को कर देता अवरुद्ध मैं,

राम सुन लो मेरी बात तुम गौर

मैंने अपनों को ठुकरा के गलती करी,

बावरा तुमने अपने लगाए गले,

वो भरत तेरा भाई तेरे संग खड़ा,

मेरा भाई खड़ा मेरे विरुद्ध मैं,

राम सुन लो मेरी बात तुम गौर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।