सांझ सवेरे अधरों पर मेरे बस तुम्हरो है नाम सांवरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साँझ सेवरे अधरो पे मेरे बस तुम्हारो है नाम संवरिया

बस तुम्हरो है नाम

मैं तुम्हरी दासी तुम मेरे स्वामी मैं राधा तुम श्याम सांवरिया

बस तुम्हरो है नाम सांवरिया

जागी भी तो सोय रही मैं ध्यान में उसके खोय रही में

हाय मे क्या जानू क्या जानू कब दिन बीता

बीत गयी कब शाम संवरिया

बस तुम्हरो है नाम संवारिया

गोकुल मथुरा तीरथ सारे कितने सुंदर कितने न्यारे

पर मैं ना मानूं ना मानूं पति चरणों सा जग में कोई है धाम

संवरिया बस तुम्हरो है नाम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।