ओ मस्त नज़र वाले तेरी याद सताती है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ मस्त नज़र वाले तेरी याद सताती है ।

हिचकी पे चली हिचकी तेरी याद सताती है ॥

लगता है मुझे ऐसा ज्यों पास में रहते हो,

हर स्वास मै रहते हो , विश्वास में रहते हो,

नैनो के झरोखों मै मौसम बरसाती है,

ओ मस्त नज़र वाले तेरी याद सताती है,

मनवा है मेरा चंचल , नादाँ है भोला है ,

माया के जेखोलो से संसार मै ढोला है ,

ढलती हुई रातो मै नज़रे टकराती है ,

ओ मस्त नज़र वाले तेरी याद सताती है,

फरयाद यह है लड़का नादान है भोला है,

फरयाद यह है लड़का इसे भूल नही जाना,

कानो में पड़ा होगा इस दास का अफसाना,

गजराज की जुहारी को मेरी हार भूलती है,

तुम श्याम वहा दुर्गे पूंजी हो खजाने की,

शिव साथ मेरे रहना यह अर्ज दीवाने की,

बंकि सी अदा तेरी मदहोश बनाती है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।