कैसे बैठा रे आलस में मुख्य से राम कह्यो न जाये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कैसे बैठा रे आलस में मुख्य से राम कह्यो न जाये,

भौर भये मल मल मुख धोये

दिन चढ़ते ही उदर टटोये

बातन बातन सब दिन खायो

साँझ भई पलना में सोए

सोवत सोवत उम्र बीत गयीं

काल शीश मंडराए रे, तोसे......

लख चौरासी में में भटक्यो

बड़े भाग्य मानुष तन पायो

अबकी भूल न जाना भाई

लुट न जाये फिर ये कमाई

राधेश्याम समय फिर ऐसो

बार बार नही आये रे,तोसे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।