खाटू वाले मेरे दिल की सुनते क्यों फरियाद नही

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुनो सांवरे दिल मेरा क्या,

खुशियों का हकदार नहीं,

खाटू वाले मेरे दिल की,

सुनते क्यों फरियाद नहीं,

तेरे सिवा ओ मेरे कन्हैया,

किसी और पे दारोमदार नहीं

खाटू वाले मेरे दिल की ,

सुनते क्यों फरियाद नही

बाबा सुनते क्यों फरियाद नहीं

दिल में गहरे जख्म है बाबा, कदम हमारेे बोझिल है

यू तो किसी से बाबा मुझको ,

कोई भी सरोकार नहीं

खाटू वाले मेरे दिल की,

सुनते क्यों फरियाद नहीं,

बाबा सुनते क्यों फरियाद नहीं

गम का सागर उफन रहा है,

दिल भी घिरा तूफानों में

कश्ती मेरी डूब रही है ,

मिलती इसे पतवार नहीं

खाटू वाले मेरे दिल की,

सुनते क्यों फरियाद नहीं,

बाबा सुनते क्यों फरियाद नहीं

विजय को है भरोसा तुम पर ,

आकर लाज बचाओगे

फसी भंवर में जो मेरी नैया ,

उसको पार लगाओगे

इस दुनिया पर बाबा मुझको,

थोड़ा भी ऐतबार नहीं

खाटू वाले मेरे दिल की ,

सुनते की फरियाद नहीं ,

बाबा सुनते क्यों फरियाद नहीं

सुनो सांवरे दिल मेरा क्या,

खुशियों का हकदार नहीं ,

श्याम खुशियों का हकदार नहीं

खाटू वाले मेरे दिल की ,

सुनते क्यों फरियाद नहीं ,

बाबा सुनते क्यों फरियाद नहीं

Writer& singar - vijay sharma 9214579500

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।