ओ भोले भंडारी हमारे घर आ जइयो

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

ओ भोले भंडारी हमारे घर आ जइयो,

अखियाँ तरसे हमारी के दर्श दिखा जियो,

बहुत दिनों से आस लगाईं पर मेरी ना होई सुनवाई

अब की बिनती मेरी ना तू ठुकरा दियो,

ओ भोले भंडारी ..........

भागो से चुन चुन भांग मिलाओ,

प्रेम से पीस के तुज्को पलाऊ,

अपने हाथो से भोला मुझे भी पीला दियो,

हर दिन हर पल तुज्को पुकारू

कब तक तेरी राह निहारु कार्तिक गोरा गणेश को अपने साथ ले इयो

ओ भोले भंडारी .......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।