सूझे ना राह बाबा करदे निगाह बाबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सूझे ना राह बाबा करदे निगाह बाबा

बिन तेरे जाऊं कहाँ बाबा

चरणों में देदे जगह सांवरे

सूझे ना राह बाबा .................

छाया हैं अँधेरा अब करदे उजाला

तू ही है भरोसा मेरा तू ही रखवाला

थामो ना बाहन बाबा करदे निगाह बाबा

बिन तेरे जाऊं कहाँ बाबा

चरणों में देदे जगह सांवरे

सूझे ना राह बाबा .................

एहसान होगा तेरा देगा जो सहारा

अपना ना कोई यहाँ सबसे मैं हारा

देदे ना छाँव बाबा करदे निगाह बाबा

बिन तेरे जाऊं कहाँ बाबा

चरणों में देदे जगह सांवरे

सूझे ना राह बाबा .................

शरण पड़ा हूँ मुझे श्याम सम्भालो

ठुकराया सबने है तुम अपना लो

राघव की छ बाबा करदे निगाह बाबा

बिन तेरे जाऊं कहाँ बाबा

चरणों में देदे जगह सांवरे

सूझे ना राह बाबा .................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।