सतरंगी फागुन धमाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेला श्याम का आया मेला श्याम का आया,

फेसबुक पर न्योता मेरे श्याम धनि का आया

हमे तो खाटू जाना बुलावा सेठ श्याम का आया

खाटू नगरी मुझे तो दिखा दे बाबा

दर्शन तेरा मुझको करा दे बाबा,

आ गया फागुन मेला जरा झूमो नाचो आज

लीले वाले श्याम धनि को संग में नचाओ आज

बाबा की मेहर मैं चावा

चावा मैं दिन और रात

बाबा थारे अंगणीये में आवा गा हर साल

बाबा की सुरतिया म्हाने लागे सब से प्यारी

बाबा की सुरतिया माही दिखे कृष्ण मुरारी

तू रूप अनोखा संवारियो को भा गयो जी

मनडे माही बाबो म्हारो छा गयो री

खाटू वाला आ गया खाटू से चल कर के

बिगड़ी सब की बनाएगा वो इक इक कर कर के

वो सब की लाज बचाएगा के सब के दुखड़े मिटाए गा

ये तो खाटू का सरकार बाबा लीले रा असवार बाबा पार लगा दो न

फागुन का महिना भीड़ मचेगी भारी

खाटू नगरी जाने की आ गई अपनी बारी,

बाबा तो प्यारा सजे गा भगतो का मन हरसे गा

सारे रस्ते धूम मचाना है बाबा तो नचाना है

मेला बाबा का आया न्योता उस ने भिज्बाया

कही बीत न जाए ये पल हमे जाके नाम लिखना

सारे रस्ते धूम मचाना है बाबा को नचाना है

खाटू नगरी में मेरे श्याम का जयकारा गूंजे गा

जयकारा गूंजेगा श्याम का नारा गूंजे गा

खाटू नगरी में मेरे श्याम का जयकारा गूंजे गा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।