तुझमे सब दिखता है बाबा मैं क्या करूँ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुमसे मेरा ये जीवन तुमसे ही शान है

दुनिया में तुमसे बाबा मेरी पहचान है

तुम हो तो ये ज़माना कहता है दिल दीवाना

और कुछ न जानू मैं बस इतना ही जानू

तुझमे सब दिखता है बाबा मैं क्या करूँ

दिल मेरा कहता है बाबा मैं क्या करूँ

तुझमे सब दीखता है..................

अपने ही ढंग में सांवरे रंग में सांवरे रंग दिया है मुझे

सबको भूलकर मन से मिटाकर माना है एक ही बस तुझे

मेरी साँसों में आजा श्याम दिल में समा जा

और कुछ न चाहूँ मैं बस इतना ही चाहूँ

तुझमे सब दिखता है बाबा मैं क्या करूँ

दिल मेरा कहता है बाबा मैं क्या करूँ

तुझमे सब दीखता है..................

सपना सजा दे अपना बना ले हर कदम संग तेरे मैं रहूं

जैसे दिया बाटी बन जा तू साथी और कुछ सांवरे ना चहुँ

करली प्रेम सगाई अब ना तड़पा कन्हाई

और कुछ न जानू मैं बस इतना ही जानू

तुझमे सब दिखता है बाबा मैं क्या करूँ

दिल मेरा कहता है बाबा मैं क्या करूँ

तुझमे सब दीखता है..................

मैं हूँ एक कश्ती तू है मेरा मांझी साथ जन्मो का है ये मेरा

दिल ये पुकारे हारे के सहारे बेधड़क साथ चाहूँ तेरा

ढोल चरणों की पाऊं अपनी किस्मत जगाऊँ

और कुछ न चाहूँ मैं बस इतना ही चाहूँ

तुझमे सब दिखता बाबा मैं क्या करूँ

दिल मेरा कहता है बाबा मैं क्या करूँ

तुझमे सब दीखता है..................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।