आयो फागुन को मेलो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हो आयो फागुन को मेलो आयो रे

हिवड़ो यो म्हारो हरशायो रे ,

चाला जी चाला सागे खाटू नगरियाँ

बाबा की पूछा देवे अपनी खबरिया

बारहा महीना में मोको आयो रे

हिवड़ो यो म्हारो हरशायो रे ,

दुल्हन सी लागे माहने खाटू नगरी

बाबा बन दूल्हा बैठा पेहन के पागडिया

भगता ने बाराती बनायो रे

हिवड़ो यो म्हारो हरशायो रे ,

लेके निशान आई भगता री टोली,

अंकित को लाल लाया भर भर के झोली

सनेह से दर्शन पायो रे

हिवड़ो यो म्हारो हरशायो रे ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।