चल हो जा फकीर छोड़ दे दुनिया वाली मौज नू

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

चल हो जा फकीर छोड़ दे दुनिया वाली मोज नू

दुनिया वाली मोजनू मोह माया दे लोभ नू

चल हो जा फकीर....

तेरे प्यारयां ने देखदेया रहना है,

ड्छड़ना पुराना पिंजरा पंछी उड़ जाना है,

खालीनहाथ आया खाली जाना तू आखिर नू,

चल हो जा फकीर....

महल चुबारे तेरे नाल भी जाने,

कोठियां ते बंगले बी एथू रही जाने,

मिट्टी देयआ पांड्या तू पजना आखिर नू,

चल हो जा फकीर....

माटी दा पिंजरा तेरा माटी च मिलना,

चोला मनुख तेरा फिर नहीं मिलना,

जूना 84 लाख घूमना आखिर नू,

चल हो जा फकीर....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।