देवा हो देवा महाकाल महाकाल

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जिसे ब्रह्मा भी माने रे जिसे विष्णु भी माने

जिसे कृष्णा रे जिसे सारा जग जाने

जब तक है भोले का हाथ सिर पे कोई कर सकता बांका न बाल

देवा हो देवा महाकाल महाकाल

आँख रहे जिनकी लाल सदा भक्तो का रखते ख्याल सदा

भोले भंडारी है साथ जिनके खुले रहे गे सदा भाग उनके

आया हु बाबा मैं घर छोड़ के मेरा रखना तू भोले ख्याल

देवा हो देवा महाकाल महाकाल

मस्त मलंग मेरा भोला बाबा केलाशी मेरा डमरू वाला

हे शिव शंकर नाथ मेरे हर दम रेहता साथ मेरे,

एंडी दहिया राजू पंजाबी तेरे दर पे आये बाबा आये हर साल

देवा हो देवा महाकाल महाकाल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।