गौरा मैया की भोले से सिकात है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गौरा मैया की भोले से सिकात है

तेरी भांग अब न घोटी जात है,

घोटत घोटत दुखे हाथ भांग घुटावे तू दिन रात भोले सुन ले मेरी बात,

गई मायके तो लौट के न आत है

तेरी भांग अब न घोटी जात है,

गोरा करे क्यों तकरार झगडा तेरा है बेकार

भांग में धोटत थोडा प्यार

तू पिला दे तो मजा आई जात है,

मेरी क्यों न घोटी जात है

अरे बात बात पे मांगे भांग लेली तूने मेरी जान

विक जावे गा घर ये मकान

अपनी अमा से करनी शिकायात है तेरी भांग अब न घोटी जात है

मान ली गोरा तोरी बात ना करियो तू मोरी शिकायत

कान पकड़ के जोडू हाथ मनोज पागल भी गोरा जी के साथ है

तेरी भांग अब न घोटी जात है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।