बांके बिहारी तुझे देख के मेरे नैना उलझ गये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बांके बिहारी तुझे देख के मेरे नैना उलझ गये

नैना उलझ गये मुश्किल में पड़ गये

बांके बिहारी तुझे देख के मेरे नैना उलझ गये

जब मैं जाऊ पनिया भरन को

सखिया के संग तुझे देख के मेरे नैना उलझ गये

बांके बिहारी...........

जब मैं जाऊ यमुना नहाने

चीर चुराते तुझे देख के मेरे नैना उलझ गये

बांके बिहारी...........

जब मैं जाऊ दहिया बेचन को

माखन चुराते तुझे देख के मेरे नैना उलझ गये

बांके बिहारी...........

जब मैं पूजा करन को

राधा के संग तुझे देख के मेरे नैना उलझ गये

बांके बिहारी...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।