कैसी सुंदर हिमालय नगरी

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

कैसी सुंदर हिमालय नगरी

भोले पैदल चले आ रहे हैं

उनकी जटाओं में गंगा बिराजे

वो बहाते चले आ रहे हैं

कैसी..........

उनके माथे पे चंदा बिराजे

चमकाते चले आ रहे हैं

कैसी..........

उनके हाथों में डमरू बिराजे

वो बजाते चले आ रहे हैं

कैसी..........

उनके ह्रदय में गौरा बिराजे

दर्शन देते चले आ रहे हैं

कैसी..........

उनकी गोदी में गणपति बिराजे

वो खिलाते चले आ रहे हैं

कैसी.........

उनके चरणों में भक्त बिराजे

झोली भरते चले आ रहे हैं

कैसी..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।