खाटुवाले श्याम से है रिश्ता पुराना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - परदेशियो से ना अंखियां....

खाटुवाले श्याम से है, रिश्ता पुराना,

जनमो जनम से है, दर पे आना जाना,

ओ मेरे श्याम

मारी जो ठोकर, दुनिया ने मुझको,

तो साथी मिला है, सांवरे सा मुझको,

सीखा है श्याम से ही, मैंने मुस्कुराना,

खाटुवाले श्याम से है.....

ओ मेरे श्याम,

ना कलियां ही खिलती, ना गुल मुस्कुराते,

अगर मेरे जीवन में, श्याम ना आते,

जीवन की हर पतझड़ में, बहारे खिलाना,

खाटुवाले श्याम से है.......

ओ मेरे श्याम,

हारा हुं जब जब, सहारा बना है,

डुबा हुं जब जब, किनारा बना है,

'बिट्टु' को रास आया, श्याम गुण गाना।

खाटुवाले श्याम से है......

SINGER - MONIKA SHARMA

LYRICS - SUNIL DHANANIA "BITTOO"

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।