इक रात तबस्सुम में मिलने को श्याम आये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - होंठों से छु लो तुम

इक रात तबस्सुम में, मिलने को श्याम आये,

आंखें बरसे मेरी, मेरे होंठ थे मुसकाये

हौले हौले दिल की, धड़कन धडकाई थी,

जब श्याम ने अंखियों से, मेरे अंखियां मिलाई थी,

नज़रों को नजारों में, बस श्याम नजर आये,

आंखें बरसे मेरी.......

होठों पर हकलाहट, कहना कुछ भी मुश्किल,

मैं डुब गया उन में, वो था मेरा साहिल,

कुछ भी ना छिपा उन से, हम कुछ ना कह पाये,

आंखें बरसे मेरी......

हर ओर फिज़ाओं में, इक खास तरन्नुम था,

सुध-बुध खोयी मैंने, वो भी मुझमें गुम था,

"बिट्टु" का जीवन तो, हो श्याम तो महकाये,

Singer - Suresh Agarwal

Lyrics - Sunil Dhanania "BITTOO"

Music - Bidyut Karmakar

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।