आओ आ जाओ भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तेरे ख्यालो में खोया रहू मैं जागु दिन और रात

आओ आ जाओ भोले नाथ,

हे शिव शंकर हे परलेयंकर हे जग के रखवारे,

तेरे बिना मेरी कौन सुने गा दरदे दिल की बात

आओ आ जाओ भोले नाथ,

मन पंशी बेचन दर्शन बिन अब तो दर्श दिखावो,

अखियाँ ऐसे परस रही है सावन की बरसात,

आओ आ जाओ भोले नाथ,

विष पिए खुद अमृत बांटे तुम सा कोई न दानी

रामा दया की बिक्शा मांगे रखदो सर पे हाथ

आओ आ जाओ भोले नाथ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।