आयो आयो रे शिवरात्रि त्यौहार

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आयो आयो रे शिवरात्रि त्यौहार,

सारा जग लागे आज काशी हरिद्वार,

आयो आयो रे शिवरात्रि त्योहार,

धरती और गगन ने मिलके शब्द यही दोहराए,

ओम नमः शिवाय बोलो ओम नमः शिवाय,

चलो शिव धाम चलो चाहो अगर उद्धार,

आयो आयो रे शिवरात्रि त्योहार,

शिवरात्रि के दिन श्रद्धा से शिव महिमा जो गाए,

अंत समय शिव भक्ति उसको मोक्ष की राह दिखाए,

आज के दिन सुनते शिव भक्तो की पुकार,

आयो आयो रे शिवरात्रि त्योहार

आयो आयो रे शिवरात्रि त्यौहार,

सारा जग लागे आज काशी हरिद्वार,

आयो आयो रे शिवरात्रि त्योहार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।