नटराज स्तुति

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सत सृष्टि तांडव रचयिता

नटराज राज नमो नमः...

हेआद्य गुरु शंकर पिता

नटराज राज नमो नमः...

गंभीर नाद मृदंगना धबके उरे ब्रह्माडना

नित होत नाद प्रचंडना

नटराज राज नमो नमः...

शिर ज्ञान गंगा चंद्रमा चिद्ब्रह्म ज्योति ललाट मां

विषनाग माला कंठ मां

नटराज राज नमो नमः...

तवशक्ति वामांगे स्थिता हे चंद्रिका अपराजिता

चहु वेद गाए संहिता

नटराज राज नमोः...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।