तेरे दर का कान्हा अजब है नजारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( तर्ज - अजी रुठ कर अब .... )

तेरे दर का कान्हा, अजब है नजारा,

जो आया शरण मे, वो पाया सहारा

जिसे सारी दुनिया ने ठुकरा दिया है,

उम्मीदो का जिसका बुझा हर दीया है,

भटकता है जो दर बदर मारा मारा,

मिली श्याम किरपा हुआ फिर उजारा,

तेरे दर का कान्हा......

फंसी बीच मझधार मे गर है नैया,

हिचकोले खाये मिले ना खिवैया,

बचाया था गज जब कन्हैया पुकारा,

मेरा श्याम बनता है पल मे किनारा,

तेरे दर का कान्हा .......

रहे गर्दिशों मे तेरे गर सितारे,

नजर बन्द हो और दिखे ना नजारे,

उठा हाथ दोनो तु कह खाटुवाला,

तुझे श्याम ''बिट्टु' , है करता इशारा,

तेरे दर का कान्हा......

Singer - Anil Lata

Lyrics - Sunil Dhanania "Bittoo"

Copyright is with Kaisar Entertainment.9830531000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।