दादा बसें दिल मे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

दादा अखंड तेरी जोत जले, तू हम सबके दिल में बसे

जो बंद करूँ आंखें मैं बस तुझे देखूं,

जय भैरव दादा, चौमुखा दादा खडखड़ा के दादा,

जय भैरव दादा

जब घबराए मन मेरा, नाम लूं मैं किसका,

छोड़ तेरे दर को दादा, जाऊं धाम किसका,

नहीं नहीं, कोई नहीं, मेरा बस तू ही है

मन को मेरे बस तू भाए जिसपे ये नजर रुक जाए,

जो बंद करु आखें मै बस तुझे देखूं

जय भैरव दादा...........

हम सभी भक्त है आये, दरशन को तेरे,

हम तेरे बन गये दादा,तुम बन जाओ मेरे,

लिया नहीं, कुछ भी तूने, दिया ही दिया है

तुझको कर रहे हम अर्पण, सब हमारा तन मन और धन,

जो बंद करूँ आखे मैं बस तुझे देखूं,

जय भैरव दादा........

जब से पाया है दर तेरा, खुशियां है छाई,

पतझड़ था जीवन मेरा, है बहारे आई,

ज्योति करें अरजी यही तुम हमे संभालना

जो भी तेरे दर पर आए, वर तुमसे पल में पाये,

जो बंद करूँ आखें मैं बस तुझे देखूं

जय भैरव दादा.......

SINGER - JYOTI AGARWAL

LYRICS - JYOTI AGARWAL

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।