हरी ॐ नमः शिवाय

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

( तर्ज - जिन्दगी प्यार का ..)

हरि ऊं नम: शिवाय जपो,

भोले बिगड़ी बना देंगे तेरी,

शिव के चरणों में मस्तक धरो,

फुटी किस्मत बना देंगे तेरी

किया मंथन तो निकला जहर,

देवता गिडगिडाने लगे,

पी जहर कण्ठ तक भोलेनाथ,

नीलकण्ठ कहाने लगे,

अपने विषयों को अर्पण तु कर,

राहें मुशकिल मिटा देंगे तेरी

हरी ऊं नम:

दुध जल फल चढ़ाते हैं जो,

हर सुबह उठ के शिवलिंग पर,

भोले सा कोई दानी नहीं,

मांगते ही वो देता है वर,

नित नियम से करो इनका ध्यान,

मैल मन से हटा देंगे तेरी

हरि ऊं.....

होश जब से सम्भाला है मैंने

नाम भोले का जपता हुं मैं,

एक ही मंत्र माना है मैंने,

ऊं नम: शिवाय जपता हुं मैं,

'बिट्टु' भोले का गुणगान कर,

पार नैया लगा देंगे तेरी

हरि ऊं......

SINGER - PRIYA PODDAR

LYRICS - SUNIL DHANANIA "BITTOO"

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।