भोले जी नाथ जी सुनो दास की आप पुकार

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले जी नाथ जी सुनो दास की आप पुकार चेला बना ले ने,

जटा की तेरी न मांगू गंगा माथे का न मांगू चाँद

नंदी भी तेरे तोरे राखिये इक घुट न प्याइये भांग

बस खोल दे तेरा द्वार चेला बना ले ने,

शाम सवेरे भोले मेरे दाने मांग के ल्याऊ गा

धुना कर दू तयार तेरे हाथ मैं राख रमाऊंगा

आड़ेगोस्सा की लादुंगालार चेला बना ले ने,

जात का सु छोरा मैं तेरी भांग की कर दू खेती

कुण्डी कुत का दे दिए मैं घोट दू सेती सेती,

तू पीके लिए डकार चेला बना ले ने,

मने सुना से दुनिया खातिर पी लिया है था जेहर तने

लंका देदी रावन ने ओ सोना वाला शहर तने,

फिर मेरे से क्यों इनकार चेला बना ले ने,

जी न लागे भोले यादे दुनिया से य माडेया की

कद आऊ मैं मने बता दे टिकेट कटा दे पहाड़ा की

इस बिंदर का करदो उधार चेला बना ले ने,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।