ये मोरछड़ी बाबा की जब सर पे लगती

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ये मोरछड़ी बाबा की जब सर पे लगती

चलता है इसका जादू भक्तों के दुःख हरती

ये मोरछड़ी बाबा की ..............

कोई संकट हो तो इसका झाड़ा तुम लगवा लो

करती है करिश्मा भारी चाहे तुम आज़मा लो

बाबा की मोरछड़ी में सकलाई बड़ी रहती

चलता है इसका जादू भक्तों के दुःख हरती

ये मोरछड़ी बाबा की ..............

मंदिर का तआला खोला ये मोरछड़ी ऐसी

सब दूर करे ये बाधा हो चाहे भी जैसी

उसका ये भाग्य बदल दे जिस पर है ये पड़ती

चलता है इसका जादू भक्तों के दुःख हरती

ये मोरछड़ी बाबा की ..............

बाबा के संग कड़ी इतरावे लहरावे

चोखानी बाद भागी ही इसका झाड़ा पावे

भक्तों की बिगड़ी बातें हर हाल में बनती

चलता है इसका जादू भक्तों के दुःख हरती

ये मोरछड़ी बाबा की ..............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।