बोल रे सुबह सुबह मीठी मीठी वाणी

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

बोल रे सुबह सुबह मीठी मीठी वाणी

लेले रे मुख से नाम राम का प्राणी

दो आखर का नाम यह कहते सुनते सुहाय

जिव्हा जब राम कहे दे कानों को सुनाय

निर्मल छवि राम की सदा नैनों में समाय

दृष्टि नैनों से पड़े और देख मन इतराय

पग लगाते जब जब भी राम धाम का फेरा

मिट जाते संताप दिलों के मिटता तम घनेरा

कर जपते हैं जब राम नाम की माला

तब ह्रदय जगती है भक्ति भाव की ज्वाला

राम नाम की धुन होती सदा कल्याणी

लेले रे मुख से नाम राम का प्राणी

बोल रे सुबह सुबह मीठी मीठी वाणी

बोल रे मुख से नाम राम का प्राणी

राजीव त्यागी 8285246134

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।