शिवनाथ तेरी महिमा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिवनाथ तेरी महिमा आ आ आ

शिवनाथ तेरी महिमा जब तीन लोक गए

नाचे धरा गगन तो आ आ आ

नाचे धरा गगन तो झूमे दसों दिशाएं

शिवनाथ तेरी महिमा जब तीन लोक गए

तू देव सबसे न्यारा तुझको नमन हमारा

तू देव सबसे न्यारा तुझको नमन हमारा

लायी है तेरे दवारे दर्शन की कामनाये

शिवनाथ तेरी महिमा

पंछी पवन सुनाये नाचे धरा गगन तो

झूमे दसों दिशाएं शिवनाथ तेरी महिमा जब

तीन लोक गाये मस्तक पे चन्दर आधा

है रूप तेरा सादा मस्तक पे चन्दर आधा

है रूप तेरा सादा आयी है गैंग

धरा लेकर तेरी जताये शिवनाथ तेरी महिमा

शिवनाथ तेरी महिमा तारे गगन के गए

नाचे धरा गगन तो झूमे दसों दिशाएं

शिवनाथ तेरी महिमा जब तीन लोक गए

है प्रेम की सुधा भी है रूपचंद्रिका भी

हो नील कण्ठ वाले कैसे तुझे रिझाये

शिवनाथ तेरी महिमा सब देव लोक गए

नाचे धरा गगन तो आ आ आ

नाचे धरा गगन तो झूमे दसों दिशाएं

शिवनाथ तेरी महिमा जब तीन लोक गए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।