बाबा तुझे कोई कहे डमरुधारी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बाबा तुझे कोई कहे डमरुधारी,

कोई त्रिपुरारी ऐ बाबा,

कोई तुमसा न कोई दानी,

नहीं दूजा कोई तुमसे सानी बाबा…….

ये जग कैलाश पे कर के बसेरा,

रामयी दियो धुनि ऐ बाबा………….

जब तूने पिया विष का प्याला,

तेरा रूप हुआ था निराला हे औघड़………

देव सब बन गए तेरे ही पुजारी,

डमरू धरी ऐ बाबा………….

तेरे दर पे जो भी है आता,

मन वांछित फल है वो पता हे शम्भू,

तुम्ही जग में हो त्रिनेत्र धारी,

शंकर ऐ दानी हे बाबा…………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।