मुझे अपनी आदत लगा दे ओ भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मुझे अपनी आदत लगा दे ओ भोले

नहो तो ये दुनिया बना देगी पापी

मुझे अपनी छाया में रख ले ओ भोले

नहो तो ये दुनिया बना देगी माटी

मुझे अपनी आदत ..............

खड़ा हूँ शरण मैं ना जाने कब से

दिखा दे मुझे अपना दर और दीवारी

मुझे अपनी आदत ..............

पड़ा हूँ मैं माया के गहरे भवर में

मिटा दे तू माया ये सारी की सारी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।