आओ भगतो चलो चलें चलो चलें

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आओ भगतो आओ भगतो चलो चलें चलो चलें

खाटू नगर, श्याम के दर

मेरा मन मचला जाए, बीत ना जाये,

फागण का मेला कही छूट ना जाये,

आओ भगतो…....

पल पल हर पल याद तेरी तड़पाती है,

में जागु तो नींद तुम्हे न आती है

पूरे साल ये इंतज़ार ही रहता है

कब आएगा फागण मन ये कहता है

ये दूरी अब दोनों से, सही नही जाए,

फागण का मेला कही छूट न जाये,

आओ भगतो.....

आये जो फागण तो बाबा बीते ना,

तेरे तो बस में होगा इसे रोको ना

क्यों ये फागण इतनी जल्दी जाता है,

भीगी पलकों पे यादें रख जाता है

राज प्रेमियों संग अर्ज लगाए,

फागण का मेला कही छूट न जाये,

आओ भगतो.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।