जो देवे धोखा यार नै वो यार नही

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जो देवे धोखा यार नै वो यार नही

यार वो जान जो मांगे इनकार नही

जो देवे धोखा यार नै वो यार नही

हुई दोस्ती देखों नरसी बाज पठान की

अमर सिंह की खातिर बाज़ी ला दी जान की

कर गया वो मर गया जो,ऐसा दिलदार नही

जो देवे धोखा यार नै वो यार नही

भक्त सुदामा चलके कृष्ण धौरे आये

छोड़ सिंघासन दौड़े झट छाती कै लाये

श्याम रोये पैर धोये, इन जैसा प्यार नही

जो देवे धोखा यार नै वो यार नही

सुन लो ढोंगी यारो सीखो यारी निभाणी

उसकी जड़ मत काटो जिसका खाओ अन्न पाणी

कर वफ़ा दे निभा, ऐसा कोई प्यार नही

जो देवे धोखा यार नै वो यार नही

मेरे यार का किसने बाट्या तन मन म्ह सीर हो

कृष्ण यार मिलै जब आछी तकदीर हो

जो निभा दे ना दगा, दे डूबे मझदार नही

जो देवे धोखा यार नै वो यार नही

प्रेषक:

कुमार सुनील फॉक सिंगर

हिसार हरियाणा

फोन नम्बर 98123 - 01662

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।