हरि नाम बिन पार लगे ना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

करले करले भजन जो उतरना हो पार

ना तो जीवन की नैया रहेगी मजधार

हरि नाम बिन पार लगे ना

और कोई पतवार लगे ना

देख करके जतन चाहे बन्दे हजार

कागज की है जीवन नैया

हरि नाम बस इसका खिवैया

ना रटेगा हरी को तो जाएगा हार

बन्दे किसी को ना तू सतना

ना तू किसी के दिल को दुखाना

न करना तू बैर सबसे करना तू प्यार

ना अजमेरिया कुछ भी है तेरा

ये जग जोगी वाला फेरा

ना ये तेरा है घर ना ये तेरी दीवार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।