॥ पावन पाठ ॥
निकुंज मैं विराजे घनश्याम राधे राधे॥
घनश्याम राधे राधे राधे तू श्याम से मिला दे॥
राधे राधे तू श्याम मिलादे....
अखियाँ तरसे नैना बरसे,
अबतो अजा ,इक दरस दिखा जा, जलक दिखा जा,
अब तो अजा इस दिल में समां जा,
तू आजा तू आजा एक वार आजा,
निकुंज मैं विराजे घनश्याम राधे राधे॥
घनश्याम राधे राधे राधे तू श्याम से मिला दे॥
राधे राधे तू श्याम मिलादे....