निकुंज मैं विराजे घन श्याम राधे राधे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

निकुंज मैं विराजे घनश्याम राधे राधे॥

घनश्याम राधे राधे राधे तू श्याम से मिला दे॥

राधे राधे तू श्याम मिलादे....

अखियाँ तरसे नैना बरसे,

अबतो अजा ,इक दरस दिखा जा, जलक दिखा जा,

अब तो अजा इस दिल में समां जा,

तू आजा तू आजा एक वार आजा,

निकुंज मैं विराजे घनश्याम राधे राधे॥

घनश्याम राधे राधे राधे तू श्याम से मिला दे॥

राधे राधे तू श्याम मिलादे....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।