तू लायक तो बन बन्दे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

इनसे बनाकर भेजा जिसने इंसानियत ही देखेगा तेरी

आँखे मूँद के बैठा है पर नज़ारे है नहीं फेरी

हैसियत वो देखे ना तू दिल ना छोटा कर

भरी सोने के थाली कहा रखे जो फिरता बिन झोली,

भोले के धर पे तू खाली ही चल दे,

देगा वो भर के तू लायक तो बन बन्दे

तू लायक तो बन बन्दे......

ये रात बीत है जानी ये दिन भी ढल है जाना

सुख और दुःख है दोनों आना जाना

डेरा है यहाँ दो दिन का कहा कल ठिकाना,

जो मिलना है रब से तो नज़ारे मिला सको,

गले वो लागले गले वो लागले,

ऐसे करम हो ऐसे करम हो ऐसे करम हो तेरे

नेकी पर चलना बन्दे और रखना भरोसा बन्दे.....

बन्दे भोले के धर पे तू खाली ही चल दे,

देगा वो भर के तू लायक तो बन बन्दे

तू लायक तो बन बन्दे .......

नेकी पर चलना बन्दे और रखना भरोसा बन्दे

तेरी कर्मा भूमि का नायक तो बन बन्दे

तू लायक तो बन बन्दे ...........

बन्दे भोले के धर पे तू खाली ही चल दे,

देगा वो भर के तू लायक तो बन बन्दे

तू लायक तो बन बन्दे ...........

देने वाला ना पूछे क्या है लाया तू पूछे न

क्या काम फिर आया क्यों

तन मैला कपडा ना देखेगा

पर दिल झाकेगए जरूर पत्थर बसा भगवान

चेहरों में इंसान ढूंढ लेता है.......

बन्दे भोले के धर पे तू खाली ही चल दे,

देगा वो भर के तू लायक तो बन बन्दे

तू लायक तो बन बन्दे .....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।