तुम बिन हमारी विपदा माँ कौन आके टाले

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तुम बिन हमारी विपदा मां कौन आके टारे,

नैया भंवर पड़ी है करदो जरा किनारे,

निर्धन को मिली माया गूँगे ने गीत गाये

कोढ़ी की मिली काया अंधे ने नैन पाए,

मैं भी शरण मे तेरी हर कष्ट सब हमारे,

तेरे द्वार से मां खाली न कोई जाए

तू है बड़ी दयालु हर कोई गीत गाये

मैं भी पड़ा कब से मैया शरण तिहारे,

ज्योति से तेरी जगमग ये चांद और तारे,

पल में मिटाये मां तू भक्तो के कष्ट सारे,

राजेन्द्र गीत गा गा तेरी आरती उतारे,

शरण तिहारे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।